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शीर्ष पदों का अवमूल्यन- इंदौर में लोकसभा में विपक्ष के नेताआडवाणी |
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केन्द्र की संप्रग सरकार पर राष्ट्रपति प्रधानमंत्री और चुनाव आयोग के पदों की गरिमा, सम्मान और विश्वसनीयता को धूमिल करने का आरोप लगाया है।
पूर्व उपप्रधानमंत्री और लोकसभा में विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने केन्द्र की संप्रग सरकार पर राष्ट्रपति प्रधानमंत्री और चुनाव आयोग के पदों की गरिमा, सम्मान और विश्वसनीयता को धूमिल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने मंगलवार को भाजपा के सांसदों और विधायकों के दो दिन के अभ्यास वर्ग का उद्घाटन करते हुए कहा कि संप्रग अध्यक्ष सोनिया गाँधी के इशारों पर चल रहे प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह के आचरण के कारण इस पद का अवमूल्यन हो रहा है। वहीं राष्ट्रपति का पद आस्थाहीन होने जा रहा है। आडवाणी ने कहा कि चुनाव आयोग में एक व्यक्ति का आचरण एक दल विशेष के प्रति निष् ापूर्ण होने के कारण आयोग की निष्पक्षता और स्वीकार्यता दाँव पर लग गई है। उन्होंने कहा कि एक समय श्रीमती गाँधी प्रधानमंत्री बनना चाहती थीं, लेकिन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के कुछ सवालों के कारण नहीं बन सकीं, लेकिन अब उनका दरबार महत्वहीन प्रधानमंत्री और चाटुकार चुनाव आयोग से सुसज्जित है। राष्ट्रपति भी रबर स्टाम्प होने जा रहा है। मीडिया को बधाई : आडवाणी ने राष्ट्रपति चुनाव में संप्रग की उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल पर लगाए गए आरोपों को इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया की खोजपरक रिपोर्ट का परिणाम बताते हुए मीडिया को इसके लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह आरोप भाजपा या विपक्ष के अन्य सहयोगियों द्वारा नहीं लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि असल में यह मीडिया की अन्वेषणपरक रिपोर्ट और श्रीमती पाटिल और उनके रिश्तेदारों की संस्थाओं के कामकाज की जाँच का नतीजा है। शिवराज की तारीफ : आडवाणी ने कहा कि मध्यप्रदेश में स्वराज को सुराज में बदलने के प्रयास प्रामाणिकता के साथ किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश से विकास के संबंध में मिल रही खबरें प्रसन्न करने वाली हैं। उनसे जनता को लाभ हो रहा है। Source : www.webdunia.com | |