बिहार में सीवान की एक अदालत ने सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन को हत्या के उद्देशय से किए गए अपहरण के मामले में दोषी करार दिया है. सज़ा ऐ उम्रक़ैद
उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई है. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बाहुबली सांसद शहाबुद्दीन पर 10 हज़ार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है. अदालत ने उन्हें इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ ऊँची अदालत में अपील के लिए एक माह का वक़्त भी दिया है. जज ज्ञानेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव ने हत्या के इरादे से अपहरण के मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 364 के तहत मोहम्मद शहाबुद्दीन को पाँच मई को दोषी हराया था. ये पूरा मामला भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के कार्यकर्ता छोटेलाल गुप्ता के अपहरण का है. शहाबुद्दीन और उनके साथियों ने छोटेलाल गुप्ता का सात फ़रवरी 1999 को अपहरण कर लिया था और इसके बाद उनकी हत्या कर दी गई थी. छोटेलाल के अपहरण के मामले में पुलिस में दर्ज प्राथमिकी में शहाबुद्दीन को ही नामज़द किया गया था. अपहरण में शामिल उनके साथियों की पहचान नहीं हो सकी थी. आपराधिक रिकॉर्ड इसी वर्ष मार्च में सिवान की विशेष अदालत ने मोहम्मद शहाबुद्दीन को एक आपराधिक मामले में दो साल की सज़ा सुनाई थी. अदालत ने उन्हें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के स्थानीय कार्यालय पर हमला करने के मामले में दोषी करार दिया था. शहाबुद्दीन पर एक हज़ार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया था. इससे पहले अवैध हथियार रखने के आरोप में उन्हें पिछले साल दिल्ली से गिरफ़्तार किया गया था. शहाबुद्दीन के ख़िलाफ़ हत्या, हत्या का प्रयास, अवैध विदेशी हथियार रखने, विदेशी मुद्रा और वन्यजीव क़ानून के उल्लंघन समेत 30 से अधिक आपराधिक मामले लंबित हैं. soure :- BBC -Hindi |