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सांसदजी मायावती अकेली सपा पर भारी कैसे ? |
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बसपा सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती मंगलवार को यहां भी सपा पर जमकर बरसीं। कहा कि अकेली बसपा ही सपा को हराने में सक्षम है। यह भी घोषणा की कि मुलायम सरकार के पीड़ितों को बसपा की सरकार बनने पर न्याय मिलेगा और उत्पीड़न करने वाले अधिकारी नापे जायेंगे।
उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों में आरक्षण के मामले पर कहा कि यह राजनीतिक साजिश थी। केंद्र की सत्ता में आने पर बसपा नये सिरे से जातीय जनगणना करायेगी। अल्पसंख्यकों को आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की किसी भी पहल का समर्थन करने का यहां भी ऐलान किया। मायावती मंगलवार को गांधी पार्क की जनसभा को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने मुलायम को निशाने पर रखते हुए कहा, बसपा ने 'जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी भागीदारी' के अपने नारे को बदलकर इस बार 'जिसकी जितनी तैयारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी' कर दिया है और इसी आधार पर टिकट बांटे। उन्होंने लोगों को समझाया कि सपा को सत्ता से हटाने के लिए अकेले बसपा को ही वोट देना क्यों जरूरी है? निचोड़ निकाला कि कांग्रेस, रालोद ने मिलकर सपा की सरकार बनवाई थी और भाजपा ने अप्रत्यक्ष सहयोग किया था। इसलिए इन पार्टियों में सपा के विरोध का हौसला नहीं है। बसपा के 40 विधायकों को गलत तरीके से दलबदल कराने में भाजपा, कांग्रेस और रालोद भी सपा के बराबर ही जिम्मेदार हैं। भीड़ जुटाने के नुस्खों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि वे नाचने, गाने वालों का सहारा ले रहे हैं। सपा शासन में अपराधियों की मिसाल के रूप में उन्होंने मेर में पकड़े गये 300 लोगों के हत्यारे पर भी चर्चा की। प्रदेश में सांप्रदायिक दंगों को भी गिनाया और इन्हें मुलायम के राजनीतिक षड्यंत्र की देन कहा।
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