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जोगी भयो भईया भोगी , भाजपा से विराग |
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भाजपा नेतृत्व से पूर्वाचल में सीटों के तालमेल व अन्य मुद्दों पर वार्ता टूटने के बाद बगावत पर उतरे सांसद योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अपने समर्थकों के बीच विधानसभा चुनावों में चार मंडलों में अपने उम्मीदवार खड़े करने का एलान कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश भाजपा का रिमोट एक काकस के हाथ में है
इसके लिए पार्टी और कार्यकर्ताओं के हित के कोई मायने नही। मैंने जिन प्रत्याशियों के नाम दिए थे, उनकी अनदेखी कर ऐसे कई लोगों को टिकट दिया गया जो घोषित रूप से हिंदू विरोधी हैं और जिनका आपराधिक इतिहास रहा है। फिलहाल उनके प्रत्याशी अखिल भारत हिंदू महासभा के बैनर तले चुनाव लड़ेंगे। हर चुनाव की तरह हिंदुत्व व विकास उनका प्रमुख चुनावी मुद्दा होगा। योगी आदित्यनाथ ने यहां एम.पी.इंटर कालेज के सभागार में हिंदू, व्यापारी व अन्य संग नों की बै क को संबोधित करते हुये कहा कि भाजपा व मुलायम सिंह का काकस बन गया है। पार्टी और कार्यकर्ताओं के हित में पिछले छह महीने से अपमान की कीमत पर भी मैं इस काकस को तोड़ने का प्रयास कर रहा था। मेरे व भाजपा के मुद्दे व विचार एक हैं। इसलिए मैं चाहता था कि मंच भी एक ही होना चाहिए,पर 32 सीटों पर प्रत्याशियों का नाम मांगने वाले नेतृत्व ने मुझे अपने संसदीय क्षेत्र में भी प्रत्याशियों के नाम तय करने का अधिकार नही दिया। योगी ने हिंदू युवा वाहिनी के प्रदेश प्रभारी राघवेंद्र सिंह को पूरे चुनाव के संचालन की जिम्मेवारी सौंपी है। चूंकि बस्ती व देवीपाटन मंडल में चौथे चरण में चुनाव होना है, इसलिए इन मंडलों के प्रत्याशियों की घोषणा आज-कल में कर दी जाएगी। सातवें चरण के लिए गोरखपुर व आजमगढ़ मंडल के प्रत्याशियों की घोषणा बाद में की जाएगी। योगी को उम्मीद है कि इस बार उनको कम से कम दस सीटें मिलेंगी। चुनाव में अन्य हिंदूवादी दलों व संग नों से तालमेल की संभावना के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि फिलहाल इसके लिए अभी समय नहीं है। चुनाव बाद इस पर सोचा जाएगा। यह पूछने पर कि चार कदम आगे और दो कदम पीछे चलने की नीति से कार्यकर्ताओं में क्या संदेश जाएगा, उन्होने कहा कि मैं नहीं चाहता था कि मेरे ऊपर बाद में यह आरोप लगे कि मैंने जल्दबाजी में कोई निर्णय लिया। मेरे मन में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के प्रति पूरा सम्मान है। मेरे लिए अपना मान-अपमान नहीं कार्यकर्ताओं का सम्मान और हिंदुत्व का मिशन अधिक महत्वपूर्ण है। आखिर मेरे साथ भारत नेपाल की संवेदनशील सीमा वाले इस क्षेत्र में विपरीत हालातों में खुद को जोखिम में डालकर जो लोग दस वर्षो से हिंदुत्व की अलख जगा रहे हैं,उनको समायोजित करना क्या पार्टी का दायित्व नही है। इस मौके पर नगर विधायक डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल ने कहा कि पूर्वाचल बदलाव की धरती है। बुद्ध, महावीर, कबीर और गुरु गोरक्षनाथ इसी धरती के थे। उन लोगों ने देश व दुनिया को यहीं से संदेश दिया। योगी आदित्य नाथ भी उन्हीं महापुरुषों की एक कड़ी हैं।
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