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पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख प्रकाश सिंह बादल शुक्रवार को पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. उत्तराखंड में भुवन चंद्र खंडूरी को भारतीय जनता पार्टी विधायक दल का नेता चुन लिया गया है इबोबी सिंह दुबारा बने मणिपुर के मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह ने लगातार दूसरी दफा मणिपुर के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
उत्तराखंड भाजपा विधायक दल की मैराथन बै क के बाद पार्टी के नेता गोपीनाथ मुंडे ने पत्रकारों को बताया कि बीसी खंडूरी को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया है. उन्होंने दावा किया कि दो निर्दलीय विधायकों ने भाजपा को समर्थन देने का फ़ैसला किया है.ग़ौरतलब है कि उत्तराखंड में विधानसभा की 70 सीटें है लेकिन 69 पर चुनाव हुए और भाजपा को 34 सीटें मिली जो बहुमत से एक कम है.मुंडे कहा कि खंडूरी के नाम का प्रस्ताव भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भगत सिंह कोश्यारी ने किया और सभी विधायकों ने उनके नाम का समर्थन किया. नेता चुने जाने के बाद खंडूरी और कोश्यारी राज्यपाल से मिलने गए और उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश किया.इससे पहले भाजपा के भीतर मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार चुनने पर असमंजस की स्थिति बन गई थी. इस पद के लिए कोश्यारी और खंडूरी के बीच सीधी टक्कर थी. मुंडे ने कहा कि पार्टी के केंद्रीय नेताओं ने भी खंडूरी के नाम पर सहमति दी थी.इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार हुई और वह 21 सीटों पर सिमट कर रह गई. पंजाब अस्सी वर्षीय बादल पंजाब के चौथी बार मुख्यमंत्री बननेवाले पहले नेता हैं. आधिकारिक रूप से इस बात की कोई जानकारी नहीं दी गई है कि उनके साथ क्या अन्य नेता भी मंत्रिपद की शपथ लेंगे. पंजाब में इस बार 117 में से 116 सीटों के लिए चुनाव हुआ था. चुनाव में कांग्रेस को 44 सीटें, अकाली दल को 48 और भाजपा को 19 सीटें मिलीं, जबकि पाँच सीटों पर निर्दलीय सफल रहे. अकाली-भाजपा ग बंधन को 67 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत मिला है.प्रेक्षकों का कहना है कि इन नतीजों के बाद अकाली दल और कांग्रेस दोनों को ही अपनी राजनीतिक प्राथमिकताओं और आधार पर पुनर्विचार करने की ज़रूरत पड़ेगी. दरअसल भाजपा को इस चुनाव में सबसे ज़्यादा फ़ायदा हुआ है.भाजपा को पिछली बार राज्य विधानसभा में केवल तीन सीटें मिली थीं जबकि इस बार भाजपा ने 19 सीटें जीती हैं. अकालियों को मालवा में उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली लेकिन उसे माझा और दोआब क्षेत्रों में ख़ासी सफलता मिली है. दिलचस्प तथ्य है कि इस बार बहुजन समाज पार्टी को पंजाब में कोई सफलता नहीं मिली है. मणिपुर इबोबी सिंह दुबारा बने मणिपुर के मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह ने लगातार दूसरी दफा मणिपुर के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली .राज्यपाल एसएस सिद्धू ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के तत्काल बाद सिंह ने शुक्रवार को बताया कि उनकी सरकार प्रदेश की शांति और विकास के लिए कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि वह होली के बाद अपने मंत्रिमंडल की घोषणा करेंगे। गौरतलब है कि सिंह को ऐसी सरकार का मुखिया होने का गौरव प्राप्त हुआ है, जिसने पहली बार प्रदेश में अपना कार्यकाल पूरा किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का समर्थन हासिल है। सा सीटों वाली मणिपुर विधानसभा में सेक्यूलर प्रोग्रेसिव फ्रंट (एसपीएफ) के 37 विधायक हैं। इनमें कांग्रेस के 30, भाकपा के चार और राजद के तीन विधायक हैं। इस अवसर पर नवनिर्वाचित विधायक पार्टी के आला नेता, केंद्रीय राज्य मंत्री आस्कर फर्नाडिस समेत सरकारी महकमों और पुलिस के अनेक आला अधिकारी मौजूद थे। |