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सांसद एवं प्रधानमंत्री डा. मनमोहन ने पंजाब के चुनाव में विकास को 'हथियार' बनाया |
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प्रधानमंत्री डा. मोहन सिंह ने विकास को 'हथियार' बनाकर चुनावी बिगुल फूंका। अपने चिर-परिचित शांत व गंभीरतापूर्ण अंदाज में शहरी मतदाताओं को लुभाने के लिए
जहां सड़क, शिक्षा, सेहत, रेल, टेली कम्यूनिकेशन का मुद्दा उ ाया, वहीं किसानों का दिल जीतने के लिए नई हरित क्रांति, खेतीबाड़ी रिसर्च और फसली चक्र का उल्लेख किया। कांग्रेस के शासनकाल में पाकिस्तान के साथ बने दोस्ताना माहौल का क्रेडिट लेते हुए मनमोहन ने भारत-पाक बंटवारे से तबाह हुए सीमावर्ती जिलों के लाखों लोगों के मन में आशा की किरणें भी जगाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ही पंजाब को आतंकी 'नजर' से बचाया। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पी थपथपाते हुए उन्होंने पिछले पांच साल में हुए विकास कार्यो के दम पर जनता से वोट मांगे। यही नहीं माझा की सरजमीं को सलाम करते हुए कहा कि यहां के मतदाता सरकार बनाने में अहम भूमिका अदा करते हैं। मनमोहन ने किसानों से जुड़े मुद्दे को उ ाते हुए कहा कि पंजाब की खुशहाली के लिए नई हरित क्रांति की जरूरत है। पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी को केंद्र सरकार द्वारा 100 करोड़ देने का जिक्र करते हुए कहा कि खेतीबाड़ी के लिए नई रिसर्च व फसली चक्र में बदलाव जरूरी है। धान व गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि कर किसानों को राहत देने की बात करने के अलावा पीएम ने किसानों के कर्जे माफ करने और ब्याज दर घटाने का मामला भी उ ाया। पाकिस्तान के साथ मजबूत संबंध का जिक्र करते हुए मनमोहन ने कहा कि पाक से ताल्लुक बिगड़ने पर सीमावर्ती जिलों पर भी इसका असर साफ दिखता है। वहीं व्यापारियों की उम्मीद की किरण दिखाते हुए कहा कि केंद्र की मंशा है कि पड़ोसी मुल्क से रिश्ते को मजबूत कर व्यापार को नया आयाम दें, ताकि वाघा मार्ग से पाक के अलावा सेंट्रल एशिया तक व्यापार हो और पंजाब का व्यापार प्रफुल्लित हो। बतौर अर्थशास्त्री मनमोहन ने पंजाब को नंबर वन सूबा बनाने के लिए आर्थिक विकास दर को बढ़ाने की बात करते हुए मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को शाबासी दी। इसके अलावा शिक्षा, सेहत, सड़क, रेल व टेली कम्यूनिकेशन का मुद्दा छेड़ पीएम ने जनता को लुभाने का हरसंभव प्रयास किया। उन्होंने कांग्रेस को मौका मिलने पर सूबे से गरीबी-बेरोजगारी को भी कुचलने का भी वादा जनता से किया।
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