|
सांसदजी कहिन : मेरी गिरफ्तारी के बारे में झू बोल रहा प्रशासन |
|
गोरक्षपी उत्तराधिकारी व सदर सांसद योगी आदित्य नाथ ने कहा कि मेरी गिरफ्तारी के संबंध में जिला प्रशासन झू बोल रहा है। मैं क्या कोई भी व्यक्ति अपनी मर्जी से जेल नहीं जाना चाहेगा।
मुझे तो अब तक नहीं पता कि मुझे क्यों गिरफ्तार किया गया है। 36 घंटे बाद पहली बार मुझसे मिलने पुलिस और प्रशासन का कोई जिम्मेवार अधिकारी जेल आया। क्या पूर्व के अधिकारियों का यह दायित्व नहीं था कि आकर मुझे गिरफ्तारी की वजह बताएं। यहां की व्यवस्था के बारे में जानकारी लें। योगी जी ने मंगलवार को जेल में मुलाकात के दौरान कहा कि दरअसल मेरी गिरफ्तारी से लेकर जेल भेजने तक प्रशासन का रवैया पूरी तरह द्वेषपूर्ण व पूर्वाग्रहपूर्ण था। मेरी गिरफ्तारी तो एक बहाना था। असली मंशा तो पूरे हिंदू समाज को अपमानित करने की थी। बावजूद इसके मैंने प्रशासन का भरपूर सहयोग किया। कु छ जगहों पर तो मैंने उसे लोगों के आक्रोश से बचाया। मसलन कुशीनगर से लौटते समय सोनबरसा में पुलिस ने एक ट्रक खड़ा करके मेरे वाहन को रोका। मेरे वाहनों का काफिला जब वहां रुका तो वहां एकत्र भीड़ को पता चला कि पुलिस मुझे गिरफ्तार करना चाहती है तो वह पुलिस का विरोध करने लगी। वहां मौजूद सीओ गोरखनाथ से मैंने पूछा कि यह क्या हो रहा है? मुझे क्यों रोका जा रहा है? तो उनके पास कोई जवाब नहीं था। प्रोटोकाल के अनुसार मेरी गिरफ्तारी के समय वहां पर पुलिस व प्रशासन के किसी जिम्मेदार अधिकारी को मौजूद होना चाहिए था। जो मुझे यह बता सके कि मुझे क्यों गिरफ्तार किया जा रहा है। बावजूद इसके मैंने क्षेत्राधिकारी के कहने पर और यह सोचकर कि भीड़ आक्रोशित न हो, सीओ को अपनी गाड़ी में बि ा लिया और कहा कि जहां ले चलना हो ले चलिए। उन्होंने मुझे पुलिस लाइन ले चलने की बात कही। उन्होंने बताया कि तकरीबन चार-पांच किलोमीटर आगे जाने के बाद सीओ कैंट ने मेरे वाहनों को रुकवाकर बेवजह मेरे लोगों के साथ बदसलूकी की। इस पर मैं वाहन से उतर गया। इसकी सूचना सीओ गोरखनाथ ने प्रशासन को दी लेकिन उधर से उनको कोई जवाब नहीं मिला। मैं अपने समर्थकों के साथ करीब 50 कदम पैदल चला भी। योगी जी ने बताया कि अंत में एसपीआरए और सीओ कैंट आए। एसपीआरए ने कहा कि आपको जेल चलना होगा। उस समय हम लोग प्रतीकात्मक रूप से वहीं पर राजकुमार अग्रहरि की श्रद्धांजलि सभा कर रहे थे। उसको रोकवाकर हमें पुलिस वाहन में बै ाकर जेल भेजा गया। |