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सांसद ,एक नास्तिक मुख्यमंत्री और धार्मिक नेता साथ-साथ होंगे |
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तमिलनाडू के मुख्यमंत्री एम. करूणानिधि पहली बार एक हिन्दू धार्मिक नेता के साथ एक मंच पर विराजमान होंगे जब वे सत्य साईं बाबा के सम्मान समारोह में तीन अन्य
मुख्यमंत्रियों दो केंद्रीय मंत्रियों और दो राज्यपालों के साथ शामिल होंगे। चेन्नई शहर की पेयजल समस्या को हल करने में सत्यसाईं बाबा ने जो मदद की है उसके लिए उनका सम्मान किया जा रहा है। यह कार्यक्रम रविवार को आयोजित होगा। 82 वर्षीय मुथुवेल करूणानिधि ने 60 साल के अपने सार्वजनिक जीवन में हिन्दू देवी देवताओं के प्रति कभी आस्था नहीं जताई। पिछले साल ही उन्होंने तमिलनाडू के कुछ मंदिरों में नग्न मूर्तियों को लेकर मजाक उत्रडाया था। उनकी पार्टी डीएमके सार्वजनिक तौर पर धर्मगुरूओं और खास तौर पर कांची के आचार्यो का विरोध करती रही है, ऐसे में साईंबाबा के साथ कार्यक्रम में उनका भाग लेना चर्चा का विषय है क्याेंकि एक नास्तिक विचार धारा वाला व्यक्ति पहली बार ऐसे धार्मिक नेता के साथ होगा जिसके लाखों अनुयायी है। पूर्व में करूणानिधि स्वर्गीय कुन्द्रक्ककुडि अडिगल के साथ रहे जो प्रवचन देते थे और सामाजिक कार्यों में विश्वास रखते थे। लेकिन इस द्रविड नेता ने मुख्य धारा से जुत्रडे धार्मिक नेताओं से सदैव दूरी बनाए रखी। सत्यसाई बाबा के इस सम्मान समारोह में महाराष्ट्र के राज्यपाल एस.एम. कृष्णा तमिलनाडू के राज्यपाल एस.एस. बरनाला आंध्र के मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमार स्वामी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री विलास राव देशमुख, केंद्रीय ग्रह मंत्री शिवराज पाटिल रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव और केंद्रीय संचार मंत्री दयानिधि मारन उपस्थित रहेंगे। सत्यसाई सेंट्रल ट्रस्ट ने 200 करोत्रड रू. खर्च कर उस नहर को मजबूत किया है जिससे कृष्णा नदी का पानी चेन्नई तक ले जाया जा रहा है। |