मेन मीनू

मुख्य पृष्
सांसद समाचार
सांसदनामा
खोंजें
संपक॔ करें
सम्पादकीय
जन्मदिन (आज )
साइटमैप (Sitemap)
समय चक़

  jai shri gnesh  

श्री गनेणः नमः

missing kids

गुमे हुये बच्चो

की सहायता करे

मुफ्त हिन्दी सीखे

लोकसभा -सीधा प्रसारण

महात्मा गाँधी

  Gandhi

     श्रद्धेय

    राष्ट्रपिता

सर्वोच्च नागरिक

१३ वी राष्ट्रपति

 Pratibha Patil

श्रीमती प्रतिभा पाटिल

१३वे उपराष्ट्रपति

hamid ansari

श्री हामिद अंसारी

 

 

 
राजस्थान के सांसदो की रिफाइनरी मुदे को लेकर प्रधानमंत्री से मुलकात E-mail

सांसदो ने प्रदेश में रिफाइनरी लगाने के मामले में ओएनजीसी के पीछे हटने को लेकर जहां राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं वहीं राजस्थान उच्च न्यायालय

ने भी स्वयं संज्ञान लेते हुए राज्य व केंद्र सरकार से जवाब-तलब किया है। उधर राज्य के सांसदों का प्रतिनिधिमंडल भी इस मामले में प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से मुलाकात करेगा।
 राजस्थान उच्च न्यायालय ने राज्य के मुख्य सचिव,पेट्रोलियम सचिव,केंद्र सरकार व केंद्रीय पेट्रोलियम सचिव तथा ओएनजीसी के अध्यक्ष को नोटिस जारी कर पांच फरवरी तक जवाब मांगा है। इसके साथ ही न्यायालय ने रिफाइनरी राज्य के बाहर लगाने संबंधी अंतिम निर्णय करने पर भी अंतरिम रोक लगा दी है।
 न्यायमूर्ति राजेश वालिया और चतराराम जाट की खंडपी ने जानना चाहा है कि राज्य के किस विभाग की लापरवाही के कारण रिफाइनरी लगाने का प्रस्ताव वापस लिया गया। इस निर्णय से राज्य के पिछड़े इलाके में औद्योगिक विकास में बाधा पहुंची है। खंडपी ने आश्चर्य व्यक्त किया है कि राज्य के उद्योग एवं पेट्रोलियम मंत्रियों को इस महत्वपूर्ण मामले में हुए विलंब के बारे में कोई जानकारी नहीं है। राज्य के खान एवं पेट्रोलियम मंत्री लक्ष्मीनारायण दवे ने कहा है कि रिफाइनरी राज्य से बाहर ले जाने का प्रयास प्रदेश के हितों पर कु ाराघात है। इस मामले में प्रधानमंत्री को पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य के सांसदों को पत्र लिखकर यह मामला संसद में उ ाने के लिए आग्रह किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य के सांसद शीघ्र ही प्रधानमंत्री से मिलेंगे। दवे ने आरोप लगाया कि ओएनजीसी ने रिफाइनरी लगाने के लिए ऐसी रियायतें मांगी जिन्हें देना संभव नहीं है।
 उधर प्रदेश कांग्रेस ने रिफाइनरी के लिए रियायतों की स्पष्ट घोषणा करने की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. बीडी कल्ला ने कहा है कि अन्य राज्यों की तरह यदि राज्य सरकार ओएनजीसी की समान शर्तो वाली रियायतें मंजूर करती है, तो कांग्रेस प्रदेश में रिफाइनरी लगाने के प्रयास से पीछे नहीं रहेगी। कल्ला ने कहा कि राज्य सरकार ने अपनी गलती छिपाने के लिए कांग्रेस नेताओं को पत्र लिखे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जान-बूझकर और अपनी ह धर्मिता के कारण रिफाइनरी मामले में काफी देरी की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने समय पर ओएनजीसी को जवाब तक देना मुनासिब नहीं समझा और अब पोल उजागर होने के बाद घबराई हुई सरकार बचाव की मुद्रा में सहयोग मांग रही है। इस मुद्दे पर कांग्रेस प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग भी करेगी।
  राज्य के पिछड़े जिले बाड़मेर में निकले तेल शोधन के लिए 7.5 मिलियन टन वार्षिक क्षमता की रिफाइनरी लगाने के लिए केंद ने ओएनजीसी को अधिकृत किया था। ओएनजीसी की रिफाइनरी की स्थापना तक बाड़मेर में निकला तेल पहले ट्रकों के जरिये और बाद में पाइप लाइन से गुजरात के बंदरगाह तक ले जाने और वहां से समुद्री रास्ते से मंगलोर रिफाइनरी तक ले जाने की योजना है। रिफाइनरी के मामले में राज्य सरकार के साथ उसकी सहमति नहीं बन पाई है।
 
< िपछला   अगला >