मेन मीनू

मुख्य पृष्
सांसद समाचार
सांसदनामा
खोंजें
संपक॔ करें
सम्पादकीय
जन्मदिन (आज )
साइटमैप (Sitemap)
समय चक़

 krihna

जय कन्हैया लाल की

missing kids

गुमे हुये बच्चो

की सहायता करे

मुफ्त हिन्दी सीखे

लोकसभा -सीधा प्रसारण

महात्मा गाँधी

  Gandhi

     श्रद्धेय

    राष्ट्रपिता

सर्वोच्च नागरिक

१३ वी राष्ट्रपति

 Pratibha Patil

श्रीमती प्रतिभा पाटिल

१३वे उपराष्ट्रपति

hamid ansari

श्री हामिद अंसारी

 

 

 
राज्यसभा सांसद श्री राजनाथ तय करेंगे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का नाम E-mail
rajnath singh भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ही प्रदेश अध्यक्ष का नाम तय करेंगे। इससे पूर्व किसी एक नाम प

पर आम सहमति बनाने के लिए दिल्ली व जयपुर में हुए प्रयास विफल रहे।
 पार्टी के राष्ट्रीय संग न महामंत्री संजय जोशी और प्रदेश प्रभारी कलराज मिश्र ने आम सहमति बनाने के प्रयास के तहत संघ पदाधिकारियों से मुलाकात की। कुछ नेताओं से उन्होंने एकांत में भी बातचीत की।
 दोनों नेताओं की मौजूदगी में सोमवार शाम यहां पार्टी की प्रदेश परामर्शदात्री समिति की बै क भी हुई। इसमें पार्टी के पांच पूर्व प्रदेश अध्यक्षों के साथ मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी भाग लिया। चार पूर्व अध्यक्ष बै क में मौजूद नहीं थे। बै क में प्रदेश अध्यक्ष के मुद्दे पर कोई फैसला नहीं हो पाया।
 पार्टी के प्रदेश प्रभारी कलराज मिश्र ने पत्रकारों से कहा कि प्रदेशाध्यक्ष के निर्णय के लिए अब राज्य के नेताओं की कोई बै क नहीं होगी और उन्हें विचार-विमर्श के लिए भी नहीं बुलाया जाएगा। 'आखिरी कवायद हो गई है और हमारी रिपोर्ट के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष शीघ्र निर्णय करेंगे।' उन्हें ही तय करना है कि क्या प्रक्रिया अपनानी है। दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने राज्य के नेताओं से अलग-अलग बात की थी, इसलिए सोचा गया कि क्यों ना एक बार सामूहिक रूप से बै कर चर्चा कर ली जाए। उन्होंने पार्टी में किसी विवाद या धड़े से जुड़े होने से इनकार किया।
 मिश्र ने कहा कि परामर्शदात्री समिति की बै क में प्रदेश अध्यक्ष के लिए विचार हुआ लेकिन मुख्य मुद्दा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की लखनऊ में हुई बै क में लिए गए फैसलों पर अमल था। इस बीच पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रघुवीर सिंह कौशल ने कहा कि हाईकमान को प्रदेश अध्यक्ष का फैसला शीघ्र करना चाहिए।
 पूर्व उपमुख्यमंत्री हरिशंकर भाभड़ा ने कहा कि बार-बार रायशुमारी के लिए बै कों की क्या जरूरत है, जब नाम सामने है तो फैसला ही हो जाना चाहिए।

 

sourec Dinik Jagran

 
< िपछला   अगला >