|
बिहार की सांसदजी एंव केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री मीरा कुमार ने कहा अत्याचार वाले जिल |
|
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री मीरा कुमार ने राज्यों को उन जिलों की पहचान करने की सलाह दी है जिनमें अनुसूचित जाति के लोगों पर ज्यादा अत्याचार होते
उन्होंने ऐसे जिलों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज देने के साथ ही कुशल अधिकारियों की तैनाती का सुझाव भी दिया है। मीरा कुमार ने सोमवार को यहां राजस्थान, बिहार, असम और हरियाणा राज्यों में अजा-जजा अधिनियम के कार्यान्वयन की समीक्षा हेतु ग ित समिति की बै क में यह सलाह दी। उन्होंने दोष सिद्धि की कम दर और राज्यों में आरोप दाखिल करने की निराशाजनक स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह स्थिति केंद्रीय सहायता में वृद्धि के बावजूद है। उन्होंने कहा कि राजस्थान और बिहार में अजा पर अत्याचार के मामलों में वृद्धि हुई है। बाद में पत्रकारों से बातचीत में मीरा कुमार ने कहा कि राजस्थान में अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत वर्ष 2000 से 2004 की अवधि में दर्ज मामलों में औसतन 66 प्रतिशत मामले न्यायालयों में अनिर्णित पड़े हुए हैं। यह स्थिति ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए सत्रह विशेष न्यायालयों के ग न के बावजूद है। उन्होंने इस स्थिति के लिए जागरूकता की कमी, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की संवेदनहीनता को जिम्मेदार हराया। उन्होंने कहा कि दलितों के मामलों में फैसलों के प्रति न्यायपालिका को भी संवेदनशील बनना चाहिए। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने सभी राज्यों से अपनी-अपनी राजधानियों में अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों पर अत्याचार की शिकायतों को दर्ज करने के लिए निशुल्क हैल्पलाइन शुरू करने को कहा है। इस हैल्पलाइन की स्थापना पर होने वाले खर्च का आधा हिस्सा केंद्र सरकार वहन करेगी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में ऐसी हैल्पलाइन शुरू हो गई जिसका नंबर 1800118888 है। कुमार ने बताया कि अधिकारियों को दलितों के हितों की रक्षा के प्रति संवेदनशील बनाने तथा न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए उनके मंत्रालय द्वारा कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। राज्यों को भी ऐसी कार्यशालाएं आयोजित करने का सुझाव दिया गया है। |