भारतीय विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी आज पाकिस्तान रवाना हो रहे हैं. इस दौरान द्विपक्षीय संबंधों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है.
उधर पाकिस्तानी राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ ने प्रणव मुखर्जी की यात्रा से पहले उम्मीद जताई है कि दोनों देश परस्पर विवादों का हल ढूंढ निकालने में सफल होंगे. पाकिस्तान के विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी ने कहा है कि प्रणव मुखर्जी के साथ बातचीत के दौरान सिर्फ तीसरे दौर की समग्र वार्ता की समीक्षा ही नहीं होगी बल्कि इससे आगे बढ़ने की कोशिश की जाएगी.  |  अगर राजनीतिक नेतृत्व संकल्प और लचीलापन दिखाए तो हम उम्मीद से पहले परिणाम सामने देख सकते हैं  परवेज़ मुशर्रफ़ |
मुखर्जी इस वर्ष भारत में होने वाले दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संघ यानी सार्क सम्मेलन में भाग लेने के लिए जनरल परेवज़ मुशर्रफ़ को निमंत्रण देने दो दिन की पाकिस्तान यात्रा पर जा रहे हैं. मुशर्रफ़ को उम्मीद
जनरल मुशर्रफ़ ने इस्लामाबाद में हर्वर्ड बिजनेस स्कूल के छात्रों को संबोधित करते हुए भारत के साथ संबंधों पर कहा, "मुझे उम्मीद की किरण नज़र आ रही है. लेकिन परस्पर विश्वास बहाली के उपायों से आगे निकल कर विवादास्पद मसलों को भी हल करने ज़रूरत है." उन्होंने कहा, "अगर राजनीतिक नेतृत्व संकल्प और लचीलापन दिखाए तो हम उम्मीद से पहले परिणाम सामने देख सकते हैं." जनरल मुशर्रफ़ ने कहा कि दोनों देशों के लोगों की भलाई के लिए यह ज़रूरी है कि हम पूरे क्षेत्र में शांति कायम रखने की कोशिश करें. उधर पाकिस्तानी विदेश मंत्री कसूरी ने कहा, "हम कश्मीर, सियाचीन और सर क्रीक पर उद्देश्यपूर्ण बातचीत करेंगे और चौथे दौर की समग्र वार्ता के लिए नए मानक तय करने की कोशिश करेंगे." उनका कहना था कि दोनों देश पिछले तीन दौर की वार्ता के दौरान संबंध सुधार की दिशा में आगे बढ़े हैं लेकिन यह विवादों का हल निकालने के बजाए विश्वास बहाली पर केंद्रति रहा. इससे पहले दोनों देशों के विदेश सचिवों के बीच पिछले साल नवंबर में नई दिल्ली में बातचीत हुई थी जिसमें कुछ मसलों पर सहमति बनी थी. इस दौरान हवाना संयुक्त प्रेस वक्तव्य की भावना को आगे बढ़ाते हुए आतंकवाद और इसका मुक़ाबला करने के असरदार तरीक़ों पर चर्चा हुई. बातचीत में आतंकवाद का मुक़ाबला करने के लिए तीन सदस्यों वाला एक पैनल बनाने पर भी सहमति बनी थी. |