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सांसद प्रभुनाथ मामले मे लालमुनि का बयान दर्ज |
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बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के तहत पटना उच्च न्यायालय के निर्देश पर शुक्रवार को एडीजी (पुलिस आधुनिकीकरण) डी एन गौतम ने लालमुनी देवी
सहित तीन दर्जन से अधिक लोगो की गवाही ली। इस मामले मे सांसद प्रभुनाथ सिंह सहित उनके कुछ लोगो पर लालमुनी देवी के पुत्र हरेद्र राय ने पटना उच्च न्यायालय मे बंदी प्रत्यक्षीकरण के तहत यह याचिका दायर की थी। हरेद्र का आरोप था कि उनकी मां का उस वक्त अपहरण कर लिया गया जब वह हत्या के एक मामले मे सांसद के खिलाफ गवाही देने जा रही थी। गवाही 25 मार्च 1995 को चुनाव के दौरान छपरा के धनुकी गांव मे लालमुनी देवी के पुत्र राजेद्र राय व एक अन्य दरोगा राय की हुई हत्या के मामले मे भागलपुर मे चल रहे ट्रायल के तहत हो रही थी। लालमुनी देवी, उनके पुत्र हरेद्र राय व पुत्रवधू गिरिजा देवी सहित ग्यारह लोगों ने सांसद सहित उनके भाई दीनानाथ सिंह, केदार सिंह व परसा के विधायक छोटे लाल राय के खिलाफ गवाही दी। लालमुनी देवी को उनके गांव धनुकी से पुलिस की कड़ी सुरक्षा मे उनके गवाहो के साथ लाया गया था। शुक्रवार को ही इस मामले मे सांसद के 30 लोगो की गवाही हुई। सांसद के लोगाें ने यह आरोप लगाया कि इस मामले मे उनके सोलह लोगो की गवाही नही हुई। एडीजी डीएन गौतम ने कहा कि इस मामले मे वह किसी तरह की कोई टिप्पणी नही करेगे क्योकि उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार इस मामले की पूरी रिपोर्ट सीधे न्यायालय को सौपी जानी है। न्यायालय ने यह निर्देश उस समय दिया था जब श्री गौतम विशेष शाखा के एडीजी थे। बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के तहत लालमुनी देवी के पुत्र हरेद्र राय ने पटना उच्च न्यायालय मे यह कहा था कि उनकी मां की गवाही अपहरण करने के बाद हुई। इस मामले मे पटना उच्च न्यायालय ने महाधिवक्ता से रिपोर्ट मांगी थी। महाधिवक्ता ने न्यायालय मे अपहरण की बात से इंकार किया था। इसके बाद न्यायालय ने डीएन गौतम को इस मामले मे गवाही के लिए अधिकृत किया था। |